Thursday, 2 April 2015

1296_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



 वीर ! तुम बढ़े चलो....

पुरुषार्थी बनो, संयमी बनो, उत्साही बनो। लौकिक विद्या तो पाओ ही पर उस विद्या को भी पा लो, जो मानव को जीते-जी मृत्यु के पार पहुँचा देती है।

-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Tuesday, 31 March 2015

1295_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU


1294_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

कपट का आश्रय लेने से
अंतःकरण मलिन होता है और
सत्य का आश्रय लेने से
अंतःकरण में
सिंह जैसा बल आ जाता है।
अतः कर्म में पुरुषार्थ और
विवेक के साथ सच्चाई को
सदैव साथ रखो।

-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Thursday, 26 March 2015

1293_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



बहते संसार के
सुख-दुःख,
आकर्षण-विकर्षण में
चट्टान की नाईं
सम,निर्लिप्त रहना
ही बहादुरी है।

-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Thursday, 5 March 2015

1292_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

क्या तुमने
आज किसी की कुछ सेवा की है?
यदि नहीं तो आज का दिन
तुमने व्यर्थ खो दिया। यदि
किसी की कुछ सेवा की है तो
सावधान रहो, मन में कहीं
अहंकार न आ जाय।

-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Tuesday, 3 March 2015

1291_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU


कभी भी कोई भी कार्य
आवेश में आकर न करो।
विचार करना चाहिए कि
इसका परिणाम क्या होगा?
गुरुदेव अगर सुनें या जानें तो
क्या होगा? विवेकरूपी चौकीदार
जागता रहेगा तो बहुत सारी
विपदाओं से, पतन के प्रसंगों से
ऐसे ही बच जाओगे।

-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Thursday, 26 February 2015

1290_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



चाहे करोड़ों सूर्य का प्रलय हो जाये, चाहे असंख्य चन्द्रमा पिघलकर नष्ट हो जायें परंतु ज्ञानी महापुरुष अटल एवं अचल रहते हैं |

-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Wednesday, 25 February 2015

1289_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

सरलता, स्नेह, साहस,
धैर्य, उत्साह एवं तत्परता
जैसे गुणों से सुसज्जित तथा
दृष्टि को 'बहुजनहिताय....
बहुजनसुखाय....' बनाकर सबमें
सर्वेश्वर को निहारने से ही आप
महान बन सकोगे।

-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Tuesday, 24 February 2015

1288_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



जिसके जीवन में
समय का मूल्य नहीं,
कोई उच्च लक्ष्य नहीं, उसका
जीवन बिना स्टियरींग की गाड़ी
जैसा होता है। साधक अपने
एक-एक श्वास की कीमत
समझता है, अपनी हर चेष्टा का
यथोचित मूल्यांकन करता है।

-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Sunday, 22 February 2015

1287_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



हिलनेवाली, मिटनेवाली
कुर्सियों के लिए छटपटाना
एक सामान्य बात है, जबकि
परमात्मप्राप्ति के लिए छटपटाकर
अचल आत्मदेव में स्थित होना
निराली ही बात है।
यह बुद्धिमानों का काम है।

-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Video Gallery ( MuSt WaTcH )

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...