Saturday, 14 April 2012

354_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

प्राणवान पंक्तियाँ

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जहाजों से जो टकराये, उसे तूफान कहते हैं।
तूफानों से जो टकराये, उसे इन्सान कहते हैं।।1।।
हमें रोक सके, ये ज़माने में दम नहीं।
हमसे है ज़माना, ज़माने से हम नहीं।।2।।
जिन्दगी के बोझ को, हँसकर उठाना चाहिए।
राह की दुश्वारियों पे, मुस्कुराना चाहिए।।3।।
बाधाएँ कब रोक सकी हैं, आगे बढ़ने वालों को।
विपदाएँ कब रोक सकी हैं, पथ पे बढ़ने वालों को।।4।।
मैं छुई मुई का पौधा नहीं, जो छूने से मुरझा जाऊँ।
मैं वो माई का लाल नहीं, जो हौवा से डर जाऊँ।।5।।
जो बीत गयी सो बीत गयी, तकदीर का शिकवा कौन करे।
जो तीर कमान से निकल गयी, उस तीर का पीछा कौन करे।।6।।
अपने दुःख में रोने वाले, मुस्कुराना सीख ले।
दूसरों के दुःख दर्द में आँसू बहाना सीख ले।।7।।
जो खिलाने में मज़ा, वो आप खाने में नहीं।
जिन्दगी में तू किसी के, काम आना सीख ले।।8।।
खून पसीना बहाता जा, तान के चादर सोता जा।
यह नाव तो हिलती जाएगी, तू हँसता जा या रोता जा।।9।।
खुदी को कर बुलन्द इतना कि हर तकदीर से पहले।
खुदा बन्दे से यह पूछे बता तेरी रज़ा क्या है।।10।।
 Pujya Asharam Ji Bapu
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