Saturday, 21 April 2012

390_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

नाशवान पदार्र्थों से अपना मन वापिस
लाकर सदगुरु के चरणकमलों में लगाओ ।
गुरु सेवत ते नर धन्य यहाँ ।
तिनकुं नहीं दुःख यहाँ न वहाँ ।।

 Pujya Asharam Ji Bapu

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