Sunday, 29 April 2012

433_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

बंदगी का था कसूर बंदा मुझे बना दिया।
मैं खुद से था बेखबर तभी तो सिर झुका दिया।।
वे थे न मुझसे दूर न मैं उनसे दूर था।
आता न था नजर तो नजर का कसूर था।।
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