Saturday, 4 October 2014

1255_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



सर्वदा आनन्द में, शांतमना होकर रहो

सुख-दुःख, मान-अपमान, हर्ष-शोक आदि द्वन्द्व शरीर के धर्म हैं। जब तक शरीर है, तब तक ये आते जाते रहेंगे ।उनके आने पर तुम व्याकुल मत होना। तुम पूर्ण आत्मा हो, अविनाशी हो और सुख-दुःख आने जाने वाले हैं।

-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu
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